बेलगाम हो रहे भू-माफिया:सचिन में 10 लोगों की जमीनों पर भू-माफियाओं ने किया जबरन कब्जा, पीड़ितों ने कलेक्टर से कहा- सीपी ने नहीं सुनी; अब आप ही सहारा
सूरत में भू माफियाओ का जाल फैलता जा रहा है। ये बेखाैफ होकर लोगों की खून-पसीने की कमाई से खरीदी गई जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। कलेक्टर के पास हर महीने लैंड ग्रेबिंग की 5 से 10 शिकायतें आती रहती हैं। ताजा मामला सचिन का है। 10 लोगों ने कलेक्टर को पत्र लिख कर अपनी जमीनें भू-माफियाओं से छुड़ाने की गुहार लगाई है।
कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि सचिन व सचिन जीआईडीसी में उन्होंने 35 बाई 12 वर्गफीट के प्लाॅट 350000 रुपए में खरीदे हैं। 10 प्लाॅट की कीमत लगभग 3500000 रुपए होती है। इन जमीनों पर गुंडो ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कलेक्टर से कहा है कि हम गरीब लोग हैं, आप हमारे भगवान हो, हमारी जमीनों को गुंडो के चंगुल से आजाद करवा दीजिए। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस स्टेशन और उसके बाद पुलिस कमिश्नर तक से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फर्जी दस्तावेजों से भी हड़प चुके 100 करोड़ की संपत्तियां
शहर में लैंड ग्रेबिंग के मामले सामने आ रहे हैं। कब्जा फाइल वाली जमीनों पर भू-माफियाओं की नजर रहती है। ऐसी जमीनों पर कब्जा करने के लिए भू-माफिया साम-दाम, दंड-भेद के तरीके अपना रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय में लैंड ग्रैबिंग की 100 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग हैं।
वहीं दूसरी तरफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भी जमीने हड़पी जा रही हैं। फर्जी दस्तावेजों से 100 करोड़ से अधिक की जमीनें-फ्लैट हड़पने के मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में तो फर्जी दस्तावेजों से एक ही जमीन कई बार बेच दी गई।
भू-माफिया कह रहे- जमीन से हट जाओ नहीं तो जान से मार देंगे
मुख्य शिकायतकर्ता लल्लन बिंद ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि वह लंबे समय से सूरत में रहते हैं। यह उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने घर बनाने के लिए जमीन खरीदी थी, लेकिन इस पर अब कुछ गुंडो ने कब्जा कर लिया है।
सूरत में भी देश के अन्य राज्यों जैसी परिस्थितियां बनती जा रही हैं। गरीबों की जमीनें भू-माफिया आसानी से हड़प रहे हैं। उनके साथ अन्य शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 20-22 साल से बड़ी मेहनत से उन्होंने एक-एक रुपए जुटाकर सचिन और सचिन जीआईडीसी में जमीनें खरीदी हैं। अब उन्हीं जमीनों को दबंगों ने कब्जा लिया है। अपनी जमीन से जबरन हटा रहे हैं। हमारी पास दस्तावेज हैं लेकिन गुंडे उसे अपनी जमीन बता रहे हैं।
अगर जमीनें वापस नहीं मिलीं तो गांव लौटने की नौबत आ जाएगी: पीड़ित
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से कहा है कि उनकी जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है और वे जमीन खाली करने को तैयार नहीं हैं। अपनी जमीन होने के बावजूद वे किराये के घर में रहने को मजबूर हैं। अगर जमीन वापस नहीं मिली तो सूरत शहर को छोड़कर अपनी जन्मभूमि उत्तर प्रदेश वापस जाने की नौबत आ जाएगी।
उनका कहना है कि उन्होंने सबसे पहले सचिन जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। उसके बाद पुलिस कमिश्नर से भी की, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्होंने जमीन कब्जा फाइल पर खरीदी है। उनके पास जमीन के दस्तावेज हैं।
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